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शनिवार, 24 जनवरी 2026

न बीवी मिली न प्यारे

  आओ किस्सा तुम्हे सुनाए 

recent सा है यार 

साठ साल की उमर में हो गया 

ऑनलाइन मुझे प्यार 


ऑनलाइन मुझे प्यार 

मिले वो टिंडर पे थे यार

प्रोफाइल देखकर रीझ गया दिल 

हुआ  पहली नज़र में प्यार 


पहली नज़र में प्यार 

वो थी रूप का  भंडार 

 कमसिन  लचीली 

नाक नुकीली 

अदाएं  तेज तलवार 


अदाएं    तेज तलवार 

 सुरीली सुंदर सी वो  नार 

होंठ रसीले नैन नशीले

कि चढ़ गया मुझपे उसका   खुमार 

जितना देखूं उतना सोचूं 

सोचूं  मैं बार बार 


सोचूं  मैं बार बार 

रगो में बहने लगी वो यार

धड़कन धक धक ऐसे बोले 

ज्यों  बजने लगा सितार 

मदहोश हुआ मदमस्त हुआ 

कि अब जीना है दिन और चार


जीना है दिन और  चार 

कि प्रेम ही जीवन का है सार 

प्रेम चलूं मैं प्रेम पढूं मैं 

बहे अब प्रेम सुधा की धार 

कॉल करूं उसे  रात रात भर

फ़ोटो को रहूं निहार


फोटो  को रहूं निहार 

बीवी को  भनक लगी इतवार 

झगड़े हुए  फिर बड़े बड़े 

और खूब हुई  तकरार 

 लुट गया  मेरा था जो

सुखी सा वो संसार 


सुखी सा वो संसार 

सभी  से खूब हुई फिर रार 

हम बोले तुम ही बताओ 

क्या तुमको  है इनकार 

बड़ी उमर के अमिताभ ने

 किया  था जिया खान से प्यार 


जिया खान से प्यार 

तब्बू को  दिल बैठे थे हार

चीनी कम  थी चाय में उनकी

और थे दिल से वो लाचार

नीरस से  मेरे जीवन में  

आई  अब  है बहार 


जब  आई ये बहार 

घमासान हुआ एक वर्ल्डवार 

प्यार की शक्ति से पर हमने 

झेल लिए सब वार 

ठाना की पहनाएंगे 

अब  जयमाला  का  हार


जयमाला का हार 

 तो ठुकराया सारा  संसार 

कद काठी से  

हम क्या कम थे 

भले थे बाल हमारे चार 


बाल हमारे चार 

उन्हीं बालों को फिर  संवार 

निकले ढूंढने हम तो  अपनी

षोडशी कमसिन  सी वो नार 

मंदिर में उनको  बुलवाया 

लिए चले हम संग अपने 

जिगरी से  कुछ यार 


संग थे अपने  यार 

हुआ फिर प्रियतम का  दीदार 

ये वो नहीं थी  जिसको अपना 

हम दिल बैठे थे हार

कोई बासठ की बुढ़िया  थी ।

आफत की जैसे पुड़िया थी 

थी  इसकी नहीं दरकार 

खुद को संभाला पर दिल मेरा  

रोया जार जार 


दिल रोया जार जार 

कि थी चेहरे पे झुर्री  हजार 

झुकी हुई  सी कमर थी उसकी

थे दांत सभी बेकार 

चार अधेड़ से बच्चे उसके

बच्चों के बच्चे  चार


बच्चे जो थे चार

एक लदा कंधे पे  बाहें डार 

टूटी कमरिया मेरी क्योंकि 

उसका तीस किलो था भार 

कूद कूद के सब बच्चों ने 

बिगाड़ दी नई सी  मेरी कार 


नई नई वो कार 

बैठ हमने पकड़ी रफ्तार 

जान बची और लाखों पाए

घर के  बुद्धू  घर को आए 

अपना सब कुछ हार 


अपना सब कुछ  हार 

कोसू किस्मत को हर बार

ऑनलाइन के चक्कर में

न बीवी मिली न प्यार

न बीवी मिली न प्यार

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