सबको स्थान दीजिये 441 वां पोस्ट
तो
कृपया सबको स्थान दीजिये
विवाद
अंह शतरंजी बिसात तब
बिछती
म्यानें तब खाली होती हैं
जब
आप सिर्फ आप रह जाते व
आपको
अन्य छोटे नजर आते हैं
चाहत
आपकी विशाल हो जाती
जिन्दगी
आपकी बदहाल हो जाती
लक्ष्य
पाने की खातिर दूजों के कांधो
पर
चढ समझते सब कुछ मुठ्ठी में
ज्ञात
होती तब जगह अपनी जब
नीचे
से कोई कांधा विद्रोह करता
अतः
कांधों पर न चढिये अंह खातिर
न
लडिये यहाँ सभी विवादकर्ता हैं
शांति
की चाहत गर तो सबके विवादों
में
न जाकर उपस्थिति दर्ज करायें
न
सुनें समझें विश्लेषित करें सबको
समकक्ष
मानें ये ध्यान दीजिये
पथिक अनजाना
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