धन्य हैं वो---४२१ वीं
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धन्य है वो जो दुनिया में परिवार
प्रमुख
की भूमिका निबाह जिये है
संलग्न
रहते दुनिया व परिवार
के
लोग बेआबरू करने के लिये है
अन्दाज
लगायें कशमकश का इन
रक्षकों
के अणु परमाणु होते है
परमाणुं
के अनचाहे विभाजनों में
भूमिका
प्रमुख को निभानी होती है
मिले
न राह बाद विभाजनों के जवाब
चाहने
वालों की भीड खडी होती है
पथिक
अनजाना
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