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शुक्रवार, 6 मार्च 2020

होली पर एक भोजपुरी गीत


होली पर एक ठे भोजपुरी गीत : होली पर....



कईसे मनाईब होली ? हो राजा !
कईसे मनाईब होली..ऽऽऽऽऽऽ

आवे केऽ कह गईला अजहूँ नऽ अईला
’एस्मेसवे’ भेजला ,नऽ पइसे पठऊला
पूछा न कईसे चलाइलऽ खरचा
अपने तऽ जा के,परदेसे रम गईला


कईसे सजाई रंगोली? हो राजा !
कईसे सजाई रंगोली,,ऽऽऽऽऽ


मईया के कम से कम लुग्गा तऽ चाही
’नन्हका’ छरिआईल बाऽ ,जूता तऽ चाही
मँहगाई अस मरलस कि आँटा बा गीला
’मुनिया’ कऽ कईसे अब लहँगा सिआई


कईसे सिआईं हम चोली ,हो राजा ! ?
कईसे सिआईं हम चोली ,,ऽऽऽऽऽऽऽ


’रमनथवा’ मारे लाऽ रह रह के बोली
’कलुआ’ मुँहझँऊसा करे लाऽ ठिठोली
पूछेलीं गुईयाँ ,सब सखियाँ ,सहेली
अईहें नऽ ’जीजा’ काऽ अब किओ होली?


खा लेबों ज़हरे कऽ गोली हो राजा
खा लेबों ज़हरे कऽ गोली..ऽऽऽऽऽ


अरे! कईसे मनाईब होली हो राजा ,कईसे मनाईब होली...


शब्दार्थ [असहज पाठकों के लिए]

एस्मेसवे’ ==S M S

लुग्गा = साड़ी

छरिआईल बा = जिद कर रहा है

मुँहझँऊसा = आप सब जानते होंगे [अर्थ अपनी श्रीमती जी से पूछ लीजियेगा]😀😀🙏🙏

-आनन्द.पाठक-

2 टिप्‍पणियां:

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