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रविवार, 24 सितंबर 2017

एक ग़ज़ल :- ये गुलशन तो सभी का है---

एक ग़ैर रवायती ग़ज़ल :---ये गुलशन तो सभी का है----

ये गुलशन तो सभी का है ,तुम्हारा  है, हमारा है
लगा दे आग कोई  ये नही   हमको गवारा  है

तुम्हारा धरम है झूठा ,अधूरा है ये फिर मज़हब
ज़मीं को ख़ून से रँगने का गर मक़सद तुम्हारा है

यक़ीनन आँख का पानी तेरा अब मर चुका होगा
जलाना घर किसी का क्यूँ तेरा शौक़-ए-नज़ारा है?

सभी  तैयार बैठे हैं   डुबोने को मेरी कश्ती --
भँवर से बच निकलते हैं कि जब आता किनारा है

जो तुम खाते ’यहाँ’ की हो, मगर गाते ’वहाँ’ की हो
समझते हम भी हैं ’साहिब’!कहाँ किस का इशारा है

उठा कर फ़र्श से तुमको ,बिठाते हैं फ़लक पे हम
जो अपनी पे उतर आते ,जमीं पर भी उतारा है

ये मज़लूमों की बस्ती है ,यहाँ पर क़ैद हैं सपने
उठाते हाथ में परचम ,बदल जाता नज़ारा है

मुहब्बत की निशानी छोड़ कर जाना ,अगर जाना
कहाँ फिर लौट कर कोई कभी आता दुबारा है

यही तहज़ीब है मेरी ,यही है तरबियत ’आनन’
कि मेरी जान हाज़िर है किसी ने गर पुकारा है

-आनन्द पाठक-

शब्दार्थ 
तरबियत  =पालन-पोषण

शनिवार, 23 सितंबर 2017

चिड़िया: बस, यूँ ही....

चिड़िया: बस, यूँ ही....: नौकरी, घर, रिश्तों का ट्रैफिक लगा,  ज़िंदगी की ट्रेन छूटी, बस यूँ ही !!! है दिवाली पास, जैसे ही सुना, चरमराई खाट टूटी, बस यूँ ही !!! ड...

शनिवार, 16 सितंबर 2017

Laxmirangam: हिंदी दिवस 2017 विशेष - हमारी राष्ट्रभाषा

Laxmirangam: हिंदी दिवस 2017 विशेष - हमारी राष्ट्रभाषा: हमारी राष्ट्रभाषा. परतंत्रता की सदियों मे स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों को एक जुट करने के लिए राष्ट्रभाषा शब्द का शायद प्रथम प्रयोग...

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बुधवार, 13 सितंबर 2017

चिड़िया: पाषाण

चिड़िया: पाषाण: पाषाण सुना है कभी बोलते, पाषाणों को ? देखा है कभी रोते , पाषाणों को ? कठोरता का अभिशाप, झेलते देखा है ? बदलते मौसमों से, जूझते द...

मंगलवार, 12 सितंबर 2017

Laxmirangam: दीपा

Laxmirangam: दीपा: दीपा हर दिन की तरह मुंबई की लोकल ट्रेन खचाखच भरी हुई थी. यात्री भी हमेशा की तरह अंदर बैठे , खड़े थे. गेट के पास कुछ यात्री हेंडल पकड़े ...

Laxmirangam: दीपा

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गुरुवार, 7 सितंबर 2017

Laxmirangam: आस्था : बहता पानी

Laxmirangam: आस्था : बहता पानी: आस्था : बहता पानी                 तैरना सीखने की चाह में,                 वह समुंदर किनारे                  अठखेलियाँ करन...