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आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।


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सोमवार, 13 नवंबर 2017

चिड़िया: पुस्तक समीक्षा - "मन दर्पण"

चिड़िया: पुस्तक समीक्षा - "मन दर्पण": पुस्तक समीक्षा रचना – मन दर्पण. रचनाकार – माड़भूषि रंगराज अयंगर. प्रकाशक – बुक बजूका पब्लिकेशन्स, कानपुर. मूल्य – रु. 175 मात्र ...

मंगलवार, 7 नवंबर 2017

चिड़िया: जब शरद आए !

चिड़िया: जब शरद आए !: ताल-तलैया खिलें कमल-कमलिनी मुदित मन किलोल करें हंस-हंसिनी ! कुसुम-कुसुम मधुलोभी मधुकर मँडराए, सुमनों से सजे सृष्टि,जब शरद आए !!! ...

रविवार, 5 नवंबर 2017

चिड़िया: जीवन - घट रिसता जाए है...

चिड़िया: जीवन - घट रिसता जाए है...: जीवन-घट रिसता जाए है... काल गिने है क्षण-क्षण को, वह पल-पल लिखता जाए है... जीवन-घट रिसता जाए है । इस घट में ही कालकूट विष, अमृत है इस...

गुरुवार, 2 नवंबर 2017

चिड़िया: आनंद की खोज

चिड़िया: आनंद की खोज: आनंद की खोज आओ साथी मिलकर खोजें, जीवन में आनंद को, क्रोध, ईर्ष्या, नफरत त्यागें पाएँ परमानंद को... जीवन की ये भागादौड़ी, लगी रही ह...

मंगलवार, 31 अक्तूबर 2017

Laxmirangam: डिजिटल इंडिया - मेरा अनुभव.

Laxmirangam: डिजिटल इंडिया - मेरा अनुभव.: डिजिटल इंडिया – मेरा अनुभव. उस दिन मेरे मोबाईल पर फ्लेश आया. यदि आप जिओ का सिम घर बैठे पाना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें. मैंने क्लिक क...

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शनिवार, 28 अक्तूबर 2017

चिड़िया: रहिए जरा सँभलकर

चिड़िया: रहिए जरा सँभलकर: रहिए जरा सँभलकर  मंजिल है दूर कितनी,  इसकी फिकर न करिए बस हमसफर राहों के,  चुनिए जरा सँभलकर... काँटे भी ढूँढते हैं,  नजदीकियों के ...

सोमवार, 23 अक्तूबर 2017

चिड़िया: खामोशियाँ गुल खिलाती हैं !

चिड़िया: खामोशियाँ गुल खिलाती हैं !: रात के पुर-असर सन्नाटे में जब चुप हो जाती है हवा फ़िज़ा भी बेखुदी के आलम में हो जाती है खामोश जब ! ठीक उसी लम्हे, चटकती हैं अनगिनत कलि...