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शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

चन्द माहिए --

 चन्द माहिए


:1:
सजदे में इधर हैं हम
और उधर दिल है
दर पर तेरे जानम

;2;
जब से है तुम्हें देखा
दिल ने कब मानी
कोई लछ्मन  रेखा

:3:
क्या बात हुई ऐसी
दिल में अब तेरे
चाहत न रही वैसी

:4:
समझो न ये पानी है
क़तरा आँसू का
ख़ुद एक कहानी है

5
इक राह अनोखी है
जाना है सब को
पर किसने देखी है ?

-आनन्द पाठक-

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (24-01-2021) को   "सीधी करता मार जो, वो होता है वीर"  (चर्चा अंक-3949)    पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    --
    नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिन की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ-    
    --
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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