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बुधवार, 20 नवंबर 2019

है संघर्ष ही जीवन

नादां है बहुत

कोई समझाये दिल को

चाहता उड़ना आसमाँ में

है पड़ी पांव ज़ंजीर

कट चुके हैं पंख

फिर भी उड़ने की आस

..

नादां है बहुत

कोई समझाये दिल को

डगमगा रही नौका बीच भंवर

फिर भी लहरों से

जुझने को तैयार

परवाह नहीं डूबने की

मर मिटने को तैयार

नहीं मानता दिल यह समझाने से भी

जब तक है साँस, रहेगी आस तब तक

है संघर्ष ही जीवन

अंतिम क्षण आने तक

रेखा जोशी 

8 टिप्‍पणियां:

  1. अति सुंदर लेख पढ़ कर बहुत अच्छा लगा Free Song Lyrics

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  2. नमस्ते,

    आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" में गुरूवार 21 नवंबर 2019 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  3. वाह बहुत सुंदर आदरणीया 👌
    सादर नमन।

    जवाब देंहटाएं
  4. बेहद उम्दा....

    आपका मेरे ब्लॉग पर स्वागत है|

    https://hindikavitamanch.blogspot.com/2019/11/I-Love-You.html

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  5. मैंने अभी आपका ब्लॉग पढ़ा है, यह बहुत ही शानदार है।
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    जवाब देंहटाएं