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रविवार, 9 नवंबर 2014

रंग-ए-जिंदगानी: नगंता और अश्लीलता

रंग-ए-जिंदगानी: नगंता और अश्लीलता: अगर भारत विश्व कप में विजयी हो जाता हैं तो मैं सरेआम न्यूड हो जाऊगी ।,माँडल पूनम पाडें के इस बयान को हम सस्ती लोकप्रियता बटोरने की ब...

1 टिप्पणी:

  1. तैयारी दोहरे स्तर पर चाहिए। अपने तरीके से स्वतंत्रता की सीमा के पार जाने की इज़ाज़त दी जा सकती है लेकिन समाज भी तो उसके अनुरूप खुला हो ठहर कर नग्ण्ता को कोई अनहोनी या दर्शनीय तीर्थ न माने सिर्फ शरीर समझे और आगे बढ़ जाए। मैं ने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर ये दोनों रूप देखें हैं। भारत का समाज अभी परम्परा बद्ध ही कहा जाएगा परा (पुरुष )अपरा (प्रकृति के रूप में माया )से बंधा हुआ। बढ़िया आलेख विचार को न्योता देता हुआ।

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