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शनिवार, 1 फ़रवरी 2014

शासकीय संस्कृति ---पथिकअनजाना---472 वीं पोस्ट



  कलचर जिसे हमारी भाषा में संस्कृति कहते है
    हालातों से मांग बन जन्मा संस्कृति बन जाता हैं
    ऐसी एक संस्कृति बाद आजादी नेताऔ ने पनपाई
     एक रूप वी.आई.पी. दूजी व्हिप संस्कृति कहलाई
     सत्ताधारी ऐसी संस्कृति के बने अंध – अनुयायी
     वी.आई.पी.अहंकारिता व व्हिप तानाशाही घोतकहै
     कुरूक्षेत्र तथाकथित 6 9 के किनारों से उपजा
     शासक जो गद्धीनशीन से पूर्व 9 कह बने हीरो है
     पाकर सत्ता 6 मान सिहासन नशे में जी रहे हैं
     शासक विध्वंसक विद्रोही विधि-वंशज हो जाते हैं
     भलाई यही कि हानिकारक दोंनों कलचर दफनाये
     देश में न वी.आई.पी.न व्हिप को याद किया जाये
     पथिक अनजाना

     

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