मित्रों!

आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।


समर्थक

मंगलवार, 23 सितंबर 2014

चन्द माहिया : क़िस्त 09

                               चन्द माहिया : क़िस्त 09

    :01:

दुनिया के ताने क्यूँ
प्यार अगर सच है
मिलने में बहाने क्यूँ


    :02:

जीवन भी मधुवन हो
साँसों में राधा
मन में मनमोहन हो

    ;03:

सौ बार कहा हमने
भूल हमें जाना
कब बात सुनी तुमने

    :04:

जुम्बिश जो लबों पर है
 कहना है कह दो
किस बात का अब डर है

     :05:

मुश्किल से मिली हो तुम
बाँहों में आ कर
हो जाती क्यों गुमसुम


-आनन्द.पाठक
09413395592

10 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के - चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुंदर प्रस्तुति...
    दिनांक 25/09/2014 की नयी पुरानी हलचल पर आप की रचना भी लिंक की गयी है...
    हलचल में आप भी सादर आमंत्रित है...
    हलचल में शामिल की गयी सभी रचनाओं पर अपनी प्रतिकृयाएं दें...
    सादर...
    कुलदीप ठाकुर

    उत्तर देंहटाएं
  3. आ० रविकर जी/कुलदीप जी/जोशी जी

    आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद
    सादर

    -आनन्द.पाठक

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुन्दर ...क्या बात है आनंद जी ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. आ0प्रतिभा जी/श्याम गुप्ता जीे/यशवन्त जी/कैलाश शर्मा जी

    आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद
    सादर
    -आनन्द.पाठक-
    09413395592

    उत्तर देंहटाएं