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शनिवार, 13 दिसंबर 2014

डेढ़ किलो के भेजे ने ....



डेढ़ किलो के भेजे ने
पूरे ब्रहमाण्ड को हिला रखा है
एहसासों की बीन बजा
हर किसी को
प्यार में पागल बना रखा है

सिर्फ़ डेढ़ किलो के भेजे में
ज्ञान का सागर समा रखा है
चाँद मंगल और ना जाने कहाँ कहाँ
यान पहुंचा रखा है

डेढ़ किलो का भेजा अब
इन्सान के अंगों का
थ्री डाईमेंनशनल प्रिंट बना
शरीर में फिट करा सकता है
वक़्त अब दूर नहीं
जब ये इन्सान बना सकता है

विज्ञान ने सिद्ध कर दिया है
की ब्रहमाण्ड की उत्पत्ति
बिग बैंग से हुई थी
तो क्या डेढ़ किलो के भेजे ने ही
भगवान बना रखा है

                               .........

4 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (14-12-2014) को "धैर्य रख मधुमास भी तो आस पास है" (चर्चा-1827) पर भी होगी।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. उससे बदा कौन जादूगर हो सकता है.

    उत्तर देंहटाएं