मित्रों!

आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।


समर्थक

मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

संस्कार विचार,प्यार गये सब हार 438 वीं पोस्ट पथिक अनजाना




        संस्कार विचार,प्यार गये सब हार      438 वीं पोस्ट
          शिक्षा,संस्कार,विचार,व प्यार गये सब हार
           स्वार्थ का बिगुल जब बजा बन्द हुये व्दार
          अतीत खोया वर्तमान रोया भविष्य न संवरे
          पढी पोथियाँ खेली गौंटिया विचार बने कहार
          न विचारो झूठे मान खातिर कहानी बनी हमार
          हमेशा भटके इंसा खोला न जावे सुकर्म व्दार
          रहनुमां अनेक, सुनी न, उनकी बनायो मजार
          मूर्खता लगाई गले न कर सके ऐसे व्यापार
           लुटायो सब, हुये जगहंसाई के हमरे व्यवहार
           क्या मुंह दिखायेंगे खुदाई या दुनियायी दरबार
            पथिक  अनजाना




1 टिप्पणी:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    गये साल को है प्रणाम!
    है नये साल का अभिनन्दन।।
    लाया हूँ स्वागत करने को
    थाली में कुछ अक्षत-चन्दन।।
    है नये साल का अभिनन्दन।।...
    --
    नवल वर्ष 2014 की हार्दिक शुभकामनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं