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मंगलवार, 7 जुलाई 2015

कांग्रेस के रोज़मर्रा के प्रलाप से अब ये स्पष्ट हो चुका है कि व्यापम के नाम पर कांग्रेस एक गंभीर षड़यंत्र रच रही है

कांग्रेस के रोज़मर्रा के प्रलाप से अब ये स्पष्ट हो चुका है कि व्यापम के नाम पर कांग्रेस एक गंभीर षड़यंत्र  रच रही है। ये देश के साथ गद्दारी तो है ही देश के माननीय  उच्चन्यायालय का भी अपमान है। सीबीआई की जांच होने लगेगी तो कांग्रेस कहेगी ये सरकार की जेबी संस्था है जिसका इस्तेमील विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए परम्परा से होता आया है।

ऐसा लगता है कांग्रेस ने विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले मध्यप्रदेश में जगह जगह अपने एजेंट छोड़ रखें हैं ये पता लगाने के लिए कि कहाँ कौन मरा। किसी की मृत्यु होना घोटाला नहीं है उसे व्यापम से जोड़ना घोटाला है फिर चाहे कोई पेड़ से गिरके मरा हो या तैरने के दौरान डूबजाने से। कहीं आंधी आ जाए तो व्यापम तूफ़ान आजाये तो व्यापम। गनीमत है कांग्रेस ने  अपनी कारगुजारियां अभी मध्यप्रदेश तक ही सीमित राखी हुईं हैं। कहीं सारे देश में ये ऐसा करने लगें तब क्या होगा।

कांग्रेस का रवैया ठीक वैसे ही है जैसे कोई किसी पुलिस वाले को धकिया के रेडियो स्टेशन में घुस आये और कोई पागल दिग्विजय का नाम लेने लगे।कहीं कोई बन्दर बया का घोसला तोड़ दे और कोई दिग्विजय का नाम लेने लगे। 

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