मित्रों!

आप सबके लिए “आपका ब्लॉग” तैयार है। यहाँ आप अपनी किसी भी विधा की कृति (जैसे- अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कर सकते हैं।

बस आपको मुझे मेरे ई-मेल roopchandrashastri@gmail.com पर एक मेल करना होगा। मैं आपको “आपका ब्लॉग” पर लेखक के रूप में आमन्त्रित कर दूँगा। आप मेल स्वीकार कीजिए और अपनी अकविता, संस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्धरचना, गीत, ग़ज़ल, शालीनचित्र, यात्रासंस्मरण आदि प्रकाशित कीजिए।


समर्थक

शुक्रवार, 7 अगस्त 2015

तमाम सेकुलरों का डीएनए टेस्ट हो तो ……

नीतिशजी  ये भारत धर्मी समाज (अप-भ्र्ंश रूप हिन्दू )असावधानी और अचेत होकर जी रहा हैइसीलिए आप जैसे लोग  चांदी कूट रहे हैं। 

 यह उस जीवन से (,उस परम्परा से ) वाकिफ नहीं है जिसे सूर्यनाड़ी (सूर्यवंशी राम )और चन्द्रनाड़ी (चन्द्रवंशी कृष्ण )चला रहे हैं। २८ द्वापर बीत गए सातवां मन्वन्तर (वैवस्वत) चल रहा है न ये उन कृष्ण द्वैपायन व्यास को जानते हैं जिन्होनें वेदों का न सिर्फ विभाजन किया उनकी व्याख्या के लिए श्रुति -स्मृति -न्याय त्रयी (उपनिषद-गीता -ब्रह्मसूत्र )तीन मार्ग बतलाये। आगे और व्याख्या के लिए १८ पुराण इतने ही उपपुराण ,ब्राह्मण ग्रन्थ ,आरण्यक आदि लिखे ,विश्व का सबसे वृहत्तर ग्रन्थ महाभारत लिखा जिसके बारे में कहा जाता है जो महाभारत में नहीं है वह अन्यत्र भी नहीं है। जिसके भीष्म पर्व का हिस्सा एक स्वतन्त्र ग्रन्थ गीता के रूप में विश्वभर में ख्यात है और मनुष्य मात्र के लिए है किसी धर्म विशेष के लिए नहीं। न ही ये सनातनधर्मी भारतधर्मी समाज रामचरितमानस  पढता है।  न सही सिर्फ सुन्दर काण्ड ही पढ़ ले। सावधान होकर जीने लगेगा जोगिया वस्त्र धारी बहरूपियों का स्वांग समझ में आजायेगा। प्रधानमन्त्री के कम्एन्ट्स  भी। 


समझ आ  जायेगा वेदव्यास कोई मामूली मनुष्य  नहीं हैं जैसा कई संस्थाएं प्रचार करती हैं कृष्ण के साहित्यिक अवतार हैं।

विदुर नीति भी और आज की कांग्रेसी अपसंस्कृति भी  सेकुलरवाद भी । सब साफ़ हो जाएगा सेकुअलर याक़ूबों पर से भी नकाब हट

जायेगा।

 जैश्रीकृष्णा।

डीएनए में राष्ट्रद्रोह ,इन याक़ूबों के



संसद को पंगु किया ,चौवालीस संतुष्ट 

लोकतंत्र की नाव  को ,डुबो रहे ये दुष्ट। 

डुबो रहे ये दुष्ट सेकुलर ,डूबें नाव के संग । 

धत कर्मों की वैतरणी में ,सभी हैं नंगमनंग ॥ 


शरण न देगी गंगाधार ,प्रेत हो सब भटकेंगे ,

डीएनए में राष्ट्रद्रोह ,इन याक़ूबों के । 

कौन करेगा श्राद्ध, और कौन भरेगा पिंड  ,

संसद को पंगु किया ,चौवालीस बरबंड ॥ 

PM Modi had said at a rally in Bihar last month that Nitish Kumar "not only disrespected me but also disrespected a Mahadalit like Jitan Ram Manjhi... There seems to be some problem in his DNA because the DNA of democracy is not like that. In democracy, you give respect even to your political rivals."

"I am a son of Bihar. My DNA is the similar as that of the people of Bihar... I grew up in a humble household in rural Bihar... Most of us feel that these statements, beyond questioning my own descent, have disrespected the lineage of our people and have denigrated the great legacy of the state," the Chief Minister writes.

"The PM will respond to this letter," said senior minister Ravi Shankar Prasad, who is from Bihar.

But within hours, the NDA responded with a letter addressed to the people of Bihar, signed by Sushil Modi, CP Thakur, Mr Kumar's friend-turned-foe Jitan Ram Manjhi, Rashtriya Lok Samata Party leader Upendra Kushwaha and Ram Vilas Paswan, leader of Lok Janashakti Party.

Ridiculing Mr Kumar's letter as "flop comedy", the letter alleged that the Chief Minister had distorted PM Modi's words. His action was in "direct conflict with the ethos of Bihar," the letter read, adding, "Bihar is not Nitish and Nitish is not Bihar".

Mr Kumar is expected to feature the "insult to Bihar" in his election campaign against Mr Modi's BJP in the assembly elections due by October. His chief campaign strategist is Prashant Kishor, who is credited with designing PM Modi's famous "Chai pe Charcha" campaign.

Sharing my Open Letter to @NarendraModi about his comment on my DNAhttp://openlettertomodi.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें