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शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

मेरे ये पल अनुराग-भरे

कल सहसा यह संदेश मिला/सूने-से युग के बाद मुझे
कुछ रोकर, कुछ क्रोधित होकर/तुम कर लेती हो याद मुझे
गिरने की गति में मिलकर/गतिमय होकर गतिहीन हुआ
एकाकीपन से आया था/अब सूनेपन में लीन हुआ
यह ममता का वरदान सुमुखी/है अब केवल अपवाद मुझे
मैं तो अपने को भूल रहा/तुम कर लेती हो याद मुझे
पुलिकत सपनों का क्रय करने/मैं आया अपने प्राणों से
लेकर अपनी कोमलताओं को/मैं टकराया पाषाणों से
मिट-मिटकर मैंने देखा है/मिट जानेवाला प्यार यहां
सुकुमार भावना को अपनी/बन जाते देखा भार यहां
उत्तप्त मरुस्थल बना चुका/विस्मृति का विषम विषाद मुझे
किस आशा से छवि की प्रतिमा/तुम कर लेती हो याद मुझे
हंस-हंसकर कब से मसल रहा/हूं मैं अपने विश्वासों को
पागल बनकर मैं फेंक रहा/हूं कब से उलटे पांसों को
पशुता से तिल-तिल हार रहा/हूं मानवता का दांव अरे
निर्दय व्यंग्यों में बदल रहे/मेरे ये पल अनुराग-भरे
बन गया एक अस्तित्व अमिट/मिट जाने का अवसाद मुझे
फिर किस अभिलाषा से रूपसि/तुम कर लेती हो याद मुझे
यह अपना-अपना भाग्य, मिला/अभिशाप मुझे, वरदान तुम्हें
जग की लघुता का ज्ञान मुझे/अपनी गुरु ता का ज्ञान तुम्हें
जिस विधि ने था संयोग रचा/उसने ही रचा वियोग प्रिये
मुझको रोने का रोग मिला/तुमको हंसने का भोग प्रिये
सुख की तन्मयता तुम्हें मिली/पीड़ा का मिला प्रमाद मुझे
फिर एक कसक बनकर अब क्यों/तुम कर लेती हो याद मुझे

12 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति राग भरी अनुराग पगी।

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    1. प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज शनिवार (02-11-2013) "दीवाली के दीप जले" : चर्चामंच : चर्चा अंक : 1417) "मयंक का कोना" पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    दीपावली पर्वों की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद

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  3. शुभ दीपावली !!आशा है कि आप सपरिवार सकुशल होंगे |
    सुन्दर संस्मरण

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  4. सुन्दर प्रस्तुति-
    आभार आदरणीय-

    आप सभी को --
    दीपावली की शुभकामनायें-

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  5. दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं
    नई पोस्ट हम-तुम अकेले

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    1. प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद

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  6. सुन्दर प्रस्तुति………

    काश
    जला पाती एक दीप ऐसा
    जो सबका विवेक हो जाता रौशन
    और
    सार्थकता पा जाता दीपोत्सव

    दीपपर्व सभी के लिये मंगलमय हो ……

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    1. आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद

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