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गुरुवार, 2 जनवरी 2014

सबको स्थान दीजिये 441 वां पोस्ट ---पथिक अनजाना





                          सबको स्थान दीजिये      441 वां पोस्ट 
तो कृपया सबको स्थान दीजिये
विवाद अंह शतरंजी बिसात तब
बिछती म्यानें तब खाली होती हैं
जब आप सिर्फ आप रह जाते व
आपको अन्य छोटे नजर आते हैं
चाहत आपकी विशाल हो जाती
जिन्दगी आपकी बदहाल हो जाती
लक्ष्य पाने की खातिर दूजों के कांधो
पर चढ समझते सब कुछ मुठ्ठी में
ज्ञात होती तब जगह अपनी जब
नीचे से कोई कांधा विद्रोह करता
अतः कांधों पर न चढिये अंह खातिर
न लडिये यहाँ सभी विवादकर्ता हैं
शांति की चाहत गर तो सबके विवादों
में न जाकर उपस्थिति दर्ज करायें
न सुनें समझें विश्लेषित करें सबको
समकक्ष मानें ये ध्यान दीजिये
पथिक   अनजाना
http://pathic64.blogspot.com

4 टिप्‍पणियां:

  1. very nice.
    Nav-Varsh ki shubhkamnayein..
    Please visit my Tech News Time Website, and share your views..Thank you

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शुक्रवार (03-01-2014) को "एक कदम तुम्हारा हो एक कदम हमारा हो" (चर्चा मंच:अंक-1481) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    ईस्वीय सन् 2014 की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति। । नव वर्ष की हार्दिक बधाई।

    उत्तर देंहटाएं