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बुधवार, 9 अप्रैल 2014

गिनते शब्द वह क्यों?-पथिकअनजाना—577.वी पोस्ट



गिनते शब्द वह क्यों?-पथिकअनजाना—577.वी पोस्ट
सवाल जागा अभिव्यक्ति विचारों की शब्द गिनती के क्यों?
माना कि कुछ खास किस्म के विचार कुछ खास के होते हैं
खास अपने विचारों को नये नये अदांज में उजागर करता हैं
माना दर्द अनुभव से सचेत न हो समय बिताने हेतू पढते हैं
लहर उठती ने देख विचारक अनुभवी पुन: झकझोर देता हैं
इशारा न आत्मसात कर पाठक सफर शटल का याद करते
परेशां मैले कंबल पकड कहते पकड रखा कंबल ने हमें क्यों?
विचारों की गहनता समझ सामाजिक हालात से जोडते वे यों
तब शायद जानते विचार का महत्व , गिनते शब्द वह क्यों?

पथिक अनजाना

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बृहस्पतिवार (10-04-2014) को "टूटे पत्तों- सी जिन्‍दगी की कड़ियाँ" (चर्चा मंच-1578) पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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