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मंगलवार, 1 अप्रैल 2014

जो नही पूछे वह स्थायी मूर्ख—पथिकअनजाना-532 वीं पोस्ट



जो नही पूछे वह स्थायी मूर्ख—पथिकअनजाना-532 वीं पोस्ट
युगों के विद्धानों की एक स्थायी मान्यता मेरी समझ से बहुत दूर हैं
जो पूछता वह तत्कालिक मूर्ख जो नही पूछे वह स्थायी मूर्ख होता हैं
मेरे अनुत्तरित प्रश्न  ईश्वरीय न्याय उपासना कर्मफल क्षेत्र  से हैं
सहपथगामी लकीर के फकीर अतार्किक राह चलने वाले बुद्धिमान हैं
मुझे मेरे प्रश्नाधार पर मूर्ख असभ्य उपहासनीय उपाधि दे जाते  हैं
जन्मा एक हल विद्धानों की मान्यता माननीय चुनौतीहीन होती हैं
यह मूर्खों की टोलियों के सरगनाओं की गीदड भभकी हैंया अज्ञानता
क्या करेंगें हम आप चूकिं इस वक्त मूर्खों की किस्मत चमकी है
गर चाहू कुछ पूछना मैं खुदा से तो बुजर्गान बिठाते दे धमकी हैं
तर्क न करे मानव चूंकि खुदाई चापलूसी हर सांस में धडकी हैं
सवाल या तर्क आपके व्यर्थ कहानियाँ खुदा की बहुत मशहूर हैं
युगों से -------
पथिक अनजाना


2 टिप्‍पणियां:

  1. आपको ये बताते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है कि आपका ब्लॉग ब्लॉग - चिठ्ठा - "सर्वश्रेष्ठ हिन्दी ब्लॉग्स और चिट्ठे" ( एलेक्सा रैंक के अनुसार / 31 मार्च, 2014 तक ) में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएँ,,, सादर .... आभार।।

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